रिपोर्टों के मुताबिक लंकाशायर ने 2027 सत्र के लिए जेम्स एंडरसन को अनुबंध न देने का फैसला किया है। टेस्ट क्रिकेट में इंग्लैंड के सबसे सफल विकेट लेने वाले 44 वर्षीय गेंदबाज ने इस गर्मी में चैंपियनशिप में 50 विकेट लिए। दोनों में से किसी भी पक्ष ने औपचारिक बयान जारी नहीं किया है, और वह कहीं और खेलना जारी रखेंगे या संन्यास लेंगे, यह अभी तय नहीं है।
मैनचेस्टर, इंग्लैंड: जेम्स एंडरसन और लंकाशायर का 25 साल पुराना साथ खत्म होता दिख रहा है। रिपोर्टों के मुताबिक काउंटी ने 44 वर्षीय एंडरसन को 2027 के लिए नया करार न देने का फैसला किया है, जबकि उन्होंने यह सत्र चैंपियनशिप के दूसरे डिवीजन के सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाजों में शामिल रहकर खत्म किया।
नए प्रबंधन का फैसला
माना जा रहा है कि यह फैसला लंकाशायर के नए नेतृत्व ने लिया है। रिचर्ड केन्यन ने मुख्य कार्यकारी का पद संभाला है और पॉल फारब्रेस को क्रिकेट निदेशक नियुक्त किया गया है। रिपोर्टों के अनुसार टीम के पुनर्निर्माण की उनकी योजना में एंडरसन की कोई जगह नहीं है। लंकाशायर ने इस पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है, और न तो क्लब और न ही गेंदबाज की ओर से कोई औपचारिक बयान आया है।
यह फैसला इसलिए भी चौंकाता है क्योंकि एंडरसन की फॉर्म में गिरावट के खास संकेत नहीं दिखे थे। इस गर्मी में उन्होंने डिवीजन टू में लंकाशायर की कप्तानी की और पिंडली की समस्या से जूझते हुए भी 11 मैचों में 17.68 के औसत से 50 विकेट लिए। इसके बावजूद काउंटी तालिका में नीचे से दूसरे स्थान पर रही।
रिकॉर्ड जो आज भी कायम है
एंडरसन के करियर के आंकड़े बताते हैं कि क्लब में उनकी मौजूदगी क्यों अहम थी। उन्होंने 188 टेस्ट में 704 विकेट लिए, जो किसी भी तेज गेंदबाज के सबसे ज्यादा टेस्ट विकेट हैं और इंग्लैंड का रिकॉर्ड भी। प्रथम श्रेणी क्रिकेट में उनके नाम 1,193 विकेट हैं। उन्होंने अपना आखिरी टेस्ट जुलाई 2024 में लॉर्ड्स में वेस्टइंडीज के खिलाफ खेला था, लेकिन इसके बाद भी वह लंकाशायर के साथ एक-एक सत्र के करार पर काउंटी क्रिकेट खेलते रहे।
आगे क्या
फिलहाल एंडरसन का भविष्य एक खुला सवाल है। वह किसी दूसरी काउंटी या विदेश में खेलने का मौका तलाश सकते हैं, या फिर खेल से पूरी तरह अलग हो सकते हैं; अभी कुछ भी तय नहीं है। लंकाशायर ने 2027 के लिए अभी अपने कप्तान के नाम की घोषणा नहीं की है।
अब सबकी नजर एंडरसन की किसी घोषणा या लंकाशायर के औपचारिक बयान पर रहेगी।



