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भारतीय महिला टीम ने ज़िम्बाब्वे के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज़ का आगाज़ वडोदरा में नौ विकेट की धमाकेदार जीत से किया। 198 रनों का लक्ष्य टीम ने सिर्फ़ 27.1 ओवर में हासिल कर लिया। प्रतीका रावल ने 96 गेंदों पर नाबाद 100 रन बनाए, जबकि शेफाली वर्मा ने 33 गेंदों पर नाबाद 64 रनों की तूफ़ानी पारी खेली। इससे पहले श्री चरणी के 4/23 ने ज़िम्बाब्वे को 197 रनों पर समेट दिया था।
वडोदरा, भारत: कोटंबी स्टेडियम में विश्व कप जीत के बाद की सुस्ती का कोई नामोनिशान नहीं दिखा। नवंबर 2025 में पहला महिला वनडे विश्व कप जीतने के बाद यह भारत का पहला वनडे मैच था, और स्मृति मंधाना के लिए पूर्णकालिक कप्तान के तौर पर पहला। मेज़बान टीम ने 137 गेंदें शेष रहते मैच जीतकर सीरीज़ में 1-0 की बढ़त ले ली।
14वें नंबर की ज़िम्बाब्वे के लिए यह तीसरे नंबर की टीम भारत के खिलाफ पहली वनडे सीरीज़ है। उसने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी चुनी और लंबे समय तक जुझारूपन दिखाया। लेकिन अंत में दोनों टीमों की ताक़त का फ़र्क़ ही निर्णायक साबित हुआ।
ज़िम्बाब्वे की लड़खड़ाहट और बीज़ा का संघर्ष
मेहमान टीम की शुरुआत बेहद खराब रही और उसने 70 रनों पर चार विकेट गँवा दिए। भारतीय गेंदबाज़ों ने रन बनाने के हर रास्ते पर ताला जड़ दिया था। इसके बाद ज़िम्बाब्वे की वापसी ताक़त के बजाय धैर्य से बुनी गई। 17 साल की बिलव्ड बीज़ा ने एक छोर संभाले रखा और 137 मिनट क्रीज़ पर टिककर 92 गेंदों में पाँच चौकों की मदद से 62 रन बनाए। मिशेल मवुंगा ने 23 गेंदों पर तेज़तर्रार 29 रन जोड़कर स्कोर को 200 के क़रीब पहुँचाया।
ज़िम्बाब्वे ने आख़िरी ओवर तक संघर्ष किया, लेकिन पूरे 50 ओवर खेलने से ज़रा पहले, 49.5 ओवर में 197 रनों पर ऑलआउट हो गई।
चरणी की अगुवाई में स्पिन का शिकंजा
भारत के छह गेंदबाज़ों में श्री चरणी सबसे असरदार रहीं। उन्होंने अपने दस ओवरों में 23 रन देकर चार विकेट लिए, जो उनके वनडे करियर के सर्वश्रेष्ठ आँकड़े हैं। तेज़ गेंदबाज़ क्रांति गौड़ ने 42 रन देकर तीन विकेट चटकाए। दीप्ति शर्मा को दो विकेट मिले, जबकि शेफाली वर्मा ने भी एक विकेट अपने नाम किया। मंधाना ने गेंदबाज़ों का इस्तेमाल सूझबूझ से किया और ज़िम्बाब्वे कोई ऐसी साझेदारी नहीं बना सकी जो बड़ा स्कोर खड़ा कर पाती।
रावल और मंधाना ने जलाई चिंगारी
अगर गेंदबाज़ी में नियंत्रण दिखा, तो रनचेज़ में तबाही का मंज़र था। टॉप ऑर्डर में वापसी करने वाली रावल और मंधाना ने पहले पाँच ओवर में बिना विकेट खोए 48 रन जोड़ दिए। मंधाना ने 34 गेंदों पर चार चौकों की मदद से 32 रन बनाए। वे लेग स्पिनर ओलिंडर चारे पर बड़ा शॉट खेलने के चक्कर में लॉन्ग-ऑन पर कैच दे बैठीं। तब तक पहले विकेट की साझेदारी 94 रनों की हो चुकी थी और लक्ष्य बेहद आसान दिखने लगा था।
रावल ने अपना अर्धशतक 54 गेंदों में पूरा किया और फिर गियर बदल दिया।
शेफाली ने रनचेज़ को जश्न में बदला
इसके बाद शेफाली वर्मा का तूफ़ान आया। अपने वनडे करियर में सिर्फ़ दूसरी बार नंबर 3 पर उतरीं शेफाली ने पहली गेंद से आक्रामक रुख़ अपनाया। उन्होंने सिर्फ़ 29 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया। 26वें ओवर में लगातार दो छक्कों ने नतीजे पर मुहर लगा दी। चारे के खिलाफ़ उन्होंने 19 गेंदों में 43 रन कूट डाले। जब जीत के लिए 32 रन बाक़ी थे, तब चारे के एक ही ओवर में तीन छक्कों से 20 रन आए और मुक़ाबले में कोई रोमांच नहीं बचा।
रावल को किसी आख़िरी धमाके की ज़रूरत नहीं थी, फिर भी उन्होंने दिया। 27वें ओवर में टेंडाई मकुशा की गेंदों पर लगातार दो चौके जड़कर उन्होंने अपना तीसरा वनडे शतक पूरा किया। वे 96 गेंदों में 15 चौकों के साथ नाबाद 100 रन पर लौटीं। इसके बाद शेफाली ने ऑफ स्पिनर न्यासा ग्वांज़ुरा की गेंद को सिर के ऊपर से चौके के लिए भेजकर जीत पर मुहर लगाई। दोनों ने दूसरे विकेट के लिए नाबाद 106 रनों की साझेदारी की। ज़िम्बाब्वे के सात गेंदबाज़ों में से सिर्फ़ एक को विकेट मिला।
सीरीज़ में बढ़त और आगे की राह
इस जीत के साथ मंधाना की कप्तानी में भारत की जीत का सिलसिला लगातार चार मैचों तक पहुँच गया है। इससे पहले टीम ने टी20 सीरीज़ में क्लीन स्वीप किया था। रावल के लिए यह शतक टॉप ऑर्डर में वापसी के बाद एक बड़ा संदेश है। शेफाली ने एक बार फिर दिखाया कि ऊपरी क्रम में प्रमोशन मिलने पर वे कितनी ख़तरनाक साबित हो सकती हैं।
सीरीज़ का दूसरा वनडे रविवार, 25 अक्टूबर को और तीसरा व अंतिम मैच बुधवार, 28 अक्टूबर को खेला जाएगा। दोनों मैच इसी वडोदरा में होंगे।
स्कोर: ज़िम्बाब्वे महिला 197 ऑलआउट, 49.5 ओवर (बिलव्ड बीज़ा 62, मिशेल मवुंगा 29; श्री चरणी 4/23, क्रांति गौड़ 3/42) बनाम भारत महिला 200/1, 27.1 ओवर (प्रतीका रावल 100*, शेफाली वर्मा 64*, स्मृति मंधाना 32); भारत महिला 9 विकेट से विजयी
प्लेयर ऑफ़ द मैच: प्रतीका रावल (भारत महिला), 96 गेंदों पर नाबाद 100 रन



