41 वर्षीय स्टैन वावरिंका ने ल्योन एटीपी 250 के पहले दौर में स्पेन के मार्टिन लांडालुसे को 6-3, 6-7(2), 7-6(5) से हराया। निर्णायक सेट में 6-5 पर लांडालुसे ने तीन मैच पॉइंट बचाए, लेकिन वावरिंका ने पांचवें मैच पॉइंट पर जीत पक्की कर ली। वाइल्ड कार्ड से खेल रहे स्विस खिलाड़ी का अगला मुकाबला शीर्ष वरीयता प्राप्त फ्लावियो कोबोली से होगा।
ल्योन, फ्रांस: इस मुकाबले में 2 घंटे 46 मिनट लगे, दो टाई-ब्रेक हुए और निर्णायक सेट में एक बार भी सर्विस नहीं टूटी। विश्व रैंकिंग में 140वें स्थान पर काबिज और वाइल्ड कार्ड के जरिए ड्रॉ में जगह पाने वाले वावरिंका ने बुधवार को ग्रां प्री ओवेर्न-रोन-आल्प के इंडोर हार्ड कोर्ट पर विश्व नंबर 67 और 20 वर्षीय लांडालुसे को लंबे संघर्ष में पछाड़ा।
दूसरे सेट का टाई-ब्रेक हाथ से निकला
वावरिंका ने पहला सेट 6-3 से जीता और वह बेहतर खिलाड़ी नजर आए। दूसरे सेट में मुकाबला कड़ा हो गया। वावरिंका को ब्रेक के मौके मिले, लेकिन लांडालुसे ने पांच ब्रेक पॉइंट बचाए और सेट का फैसला करने वाला टाई-ब्रेक 7-2 से स्पेनिश खिलाड़ी के नाम रहा।
निर्णायक सेट भी इसी ढर्रे पर चला। एक बार फिर किसी की सर्विस नहीं टूटी और मैच दूसरे टाई-ब्रेक की ओर बढ़ गया।
पांचवें मैच पॉइंट पर मिली जीत
वावरिंका ने 6-5 पर मैच के लिए सर्विस की और तीन बार मैच पॉइंट तक पहुंचे, लेकिन लांडालुसे ने तीनों बचा लिए। इसके बाद हुआ टाई-ब्रेक वावरिंका ने 7-5 से जीता और मुकाबले के पांचवें मैच पॉइंट पर जीत अपने नाम की।
मैच के बाद उन्होंने कहा कि वह सबसे ज्यादा इस जीत से संतुष्ट हैं। उन्होंने माना कि उनके पास कई मैच पॉइंट थे और वह हारने के करीब पहुंच गए थे। उन्होंने यह भी कहा कि पहली बार ल्योन में खेलकर वह खुश हैं। एटीपी टूर पर दोनों खिलाड़ियों की यह पहली भिड़ंत थी; इससे पहले दोनों चैलेंजर स्तर पर आमने-सामने हो चुके थे।
विदाई का सफर
इस नतीजे ने अंतिम पड़ाव पर पहुंच चुके करियर को कुछ और सांसें दे दी हैं। पूर्व विश्व नंबर 3 और तीन बार के ग्रैंड स्लैम चैंपियन वावरिंका ने 2014 में ऑस्ट्रेलियन ओपन, 2015 में फ्रेंच ओपन और 2016 में यूएस ओपन का खिताब जीता था। वह स्विस इंडोर्स बासेल में अपने करियर का समापन करेंगे, जो घरेलू धरती पर होने वाला एटीपी 500 टूर्नामेंट है और 24 अक्टूबर से 1 नवंबर तक चलेगा। सोमवार 26 अक्टूबर को शाम 6 बजे उनके लिए विदाई कार्यक्रम भी तय है। ग्रैंड स्लैम को वह पहले ही अलविदा कह चुके हैं: विंबलडन में माटेओ बेरेत्तिनी ने उन्हें चार टाई-ब्रेक वाले मुकाबले में हराया था और यूएस ओपन में भी बेरेत्तिनी ने ही उन्हें सीधे सेटों में मात दी, जो उनका आखिरी ग्रैंड स्लैम मैच रहा।
एटीपी टूर के मुताबिक वावरिंका 40 साल का होने के बाद से अब तक 12 मैच जीत चुके हैं, जो टूर के इतिहास में इस उम्र में किसी भी खिलाड़ी की सबसे ज्यादा जीत है। इस मामले में वह इवो कार्लोविच (नौ) और जिमी कॉनर्स (आठ) से आगे हैं।
अब कोबोली से टक्कर
दूसरे दौर में उनके सामने कहीं ज्यादा कड़ी चुनौती होगी। शीर्ष वरीयता प्राप्त फ्लावियो कोबोली, जो इसी दौर से ड्रॉ में उतरेंगे, गुरुवार को उनका इंतजार कर रहे हैं। नतीजा जो भी हो, इस विदाई की मंजिल बासेल ही है, और ल्योन ने इस सफर को कम से कम एक मैच और लंबा कर दिया है।
नतीजा: स्टैन वावरिंका (स्विट्जरलैंड, वाइल्ड कार्ड) ने मार्टिन लांडालुसे (स्पेन) को 6-3, 6-7(2), 7-6(5) से हराया (2 घंटे 46 मिनट), ग्रां प्री ओवेर्न-रोन-आल्प (एटीपी 250), ल्योन, पहला दौर, बुधवार 21 अक्टूबर 2026।
अगला मुकाबला: वावरिंका बनाम फ्लावियो कोबोली (1), दूसरा दौर, गुरुवार।



