फ़ख़र ज़मान ने 99 गेंदों पर 127 रन बनाए और अराफ़ात मिन्हास ने 31 गेंदों पर 61 रन जोड़े, जिससे पाकिस्तान ने श्रीलंका के 325/8 के स्कोर को नौ गेंद शेष रहते पार कर लिया और लाहौर में वनडे त्रिकोणीय सीरीज़ का फ़ाइनल तीन विकेट से जीत लिया। कप्तान शाहीन शाह अफ़रीदी ने छक्का लगाकर टीम को जीत दिलाई।
लाहौर, पाकिस्तान: चार दिन पहले इसी टीम के ख़िलाफ़ 110 रन पर ढेर होने वाले पाकिस्तान ने फ़ाइनल में 326 रन का लक्ष्य हासिल कर लिया। गद्दाफ़ी स्टेडियम में सीरीज़ के सबसे बड़े मुकाबले में फ़ख़र ने अपनी लय दोबारा पाई, साद बेग ने अपनी प्रतिभा का परिचय दिया और मिन्हास ने छक्कों की झड़ी लगाकर मैच को अंजाम के क़रीब पहुंचाया, जिसके बाद शाहीन ने ख़िताब पर मुहर लगाई।
कामिंदु के शतक से श्रीलंका 300 के पार
पहले बल्लेबाज़ी के लिए उतरी श्रीलंका ने अपनी पारी के ज़्यादातर हिस्से में मैच पर पकड़ बनाए रखी। कामिंदु मेंडिस ने 128 गेंदों पर 131 रन बनाए, जो उनका पहला वनडे शतक है, और अविष्का फ़र्नांडो (38) के साथ पहले विकेट के लिए 87 रन जोड़े। इसके बाद सलमान अली आग़ा ने फ़र्नांडो और कुसल मेंडिस को आउट किया, लेकिन कामिंदु और पवन रत्नायके ने तीसरे विकेट के लिए 146 रन की साझेदारी की। रत्नायके ने 65 गेंदों पर 77 रन बनाए।
41 ओवर के बाद 255/2 के स्कोर पर श्रीलंका इससे कहीं बड़े स्कोर की ओर बढ़ रही थी। तभी पाकिस्तान ने वापसी की। शाहीन ने कुछ ही देर के अंतराल पर कामिंदु और दसुन शनाका को पवेलियन भेजा और आख़िरी नौ ओवरों में श्रीलंका ने 70 रन जोड़कर छह विकेट गंवाए और 325/8 पर पारी ख़त्म हुई। ग्रुप चरण के मुकाबले में पांच विकेट लेने वाले दिलशान मदुशंका ने पाकिस्तान की पारी में तीन विकेट लिए।
शुरुआती झटकों के बाद फ़ख़र और बेग ने संभाली पारी
पाकिस्तान का स्कोर देखते ही देखते 14/2 हो गया। मदुशंका ने माज़ सदाक़त को 5 रन पर और बाबर आज़म को पांच गेंदों में शून्य पर आउट किया, और 27 अक्टूबर को ग्रुप चरण की हार में 110 पर ऑलआउट होने की कहानी दोहराए जाने का ख़तरा मंडराने लगा। पिछले चार मैचों में सिर्फ़ 31 रन बना पाए फ़ख़र और 19 साल के बेग ने फिर तीसरे विकेट के लिए 149 रन की साझेदारी कर पारी को संभाला। बेग ने 75 गेंदों पर 74 रन बनाए, जो उनका पहला वनडे अर्धशतक है।
फ़ख़र ने 84 गेंदों पर शतक पूरा किया और 99 गेंदों पर 11 चौकों और छह छक्कों की मदद से 127 रन बनाए। यह उनका 12वां वनडे शतक था। 34वें ओवर में मदुशंका ने उन्हें बोल्ड कर दिया, तब पाकिस्तान को जीत के लिए 106 रन और चाहिए थे और मुकाबला एक बार फिर बराबरी पर आ गया।
मिन्हास और नवाज़ ने दिलाई जीत
36.5 ओवर में 230/5 के स्कोर पर पाकिस्तान को अब भी 96 रन चाहिए थे। सातवें नंबर पर उतरे मिन्हास ने चार छक्कों और तीन चौकों की मदद से 31 गेंदों पर 61 रन बनाकर मैच का रुख़ पलट दिया और हसन नवाज़ के साथ छठे विकेट के लिए 94 रन की साझेदारी की। नवाज़ 37 रन बनाकर नाबाद रहे। इसके बाद 49वें ओवर में शाहीन ने मदुशंका की गेंद पर डीप मिडविकेट के ऊपर से विजयी छक्का जड़ा और पाकिस्तान ने 48.3 ओवर में 331/7 बनाकर मैच जीत लिया।
इस जीत से पाकिस्तान ने ग्रुप चरण की आठ विकेट की हार का बदला ले लिया, जिसमें मदुशंका ने करियर का सर्वश्रेष्ठ 5/34 का प्रदर्शन किया था। साथ ही उस टूर्नामेंट का ख़िताब भी उसकी झोली में आया, जिसकी शुरुआत उसने रावलपिंडी में श्रीलंका पर 37 रन की जीत से की थी।
नतीजा: पाकिस्तान 331/7 (48.3 ओवर) ने श्रीलंका 325/8 (50 ओवर) को तीन विकेट से हराया, वनडे त्रिकोणीय सीरीज़ फ़ाइनल, गद्दाफ़ी स्टेडियम, लाहौर। श्रीलंका: कामिंदु मेंडिस 131, पवन रत्नायके 77, अविष्का फ़र्नांडो 38। पाकिस्तान: फ़ख़र ज़मान 127, साद बेग 74, अराफ़ात मिन्हास 61, हसन नवाज़ 37*। गेंदबाज़ी: दिलशान मदुशंका 3/63 (श्रीलंका); शाहीन शाह अफ़रीदी 2/50, सलमान अली आग़ा 2/44 (पाकिस्तान)।



