पेरिस में फ्रेंच ओपन के फाइनल में पीवी सिंधु ने एन से-यंग के खिलाफ पहला गेम जीता, लेकिन अगले दो गेम 21-11 और 21-12 से हार गईं। विश्व नंबर 1 खिलाड़ी के खिलाफ 11 मुकाबलों में यह सिंधु की 11वीं हार थी और 2026 में सुपर 750 के अपने दूसरे फाइनल में उन्हें रजत से संतोष करना पड़ा।
पेरिस, फ्रांस: एन से-यंग से गेम छीनना बहुत कम खिलाड़ियों के बस की बात है। रविवार को एरेना ग्रैंड पेरिस में सिंधु ने ठीक यही किया और काफी देर तक ऐसा लगा कि वह इससे आगे भी जा सकती हैं। लेकिन फिर विश्व नंबर 1 ने दिखा दिया कि पूरे सीज़न में वह सिर्फ एक मैच क्यों हारी हैं।
सिंधु ने वह गेम जीता जो बहुत कम जीत पाते हैं
शुरुआती रैलियों से ही सिंधु ने एन की बराबरी की और पहला गेम 11-11 तक कांटे का रहा। इसके बाद वह आगे निकल गईं और नेट पर बेहतर खेल तथा आक्रामक रिटर्न के दम पर गेम 21-16 से जीत लिया। दोनों के बीच 11 मुकाबलों में यह सिर्फ दूसरा मौका था जब सिंधु ने एन के खिलाफ कोई गेम जीता; पहली बार ऐसा 2023 की बैडमिंटन एशिया चैंपियनशिप के क्वार्टर फाइनल में हुआ था।
एन ने अपने डिफेंस से पलटा फाइनल
दूसरा गेम पूरी तरह एन के नाम रहा। इंटरवल पर वह 11-7 से आगे थीं और लगातार रैलियों को लंबा खींचती रहीं। सिंधु के हमलों को गलतियों में बदलते हुए उन्होंने यह गेम 21-11 से जीतकर मुकाबला बराबर कर दिया।
निर्णायक गेम की शुरुआत बराबरी की टक्कर से हुई। सिंधु 8-5 से आगे थीं, लेकिन एन ने 8-8 से बराबरी कर ली। इसके बाद कोरियाई खिलाड़ी ने खेल अपने हाथ में ले लिया, लगातार छह अंक जीतकर 15-9 की बढ़त बनाई और 21-12 से खिताब अपने नाम कर लिया। पूरा फाइनल एक घंटे से कुछ ज्यादा चला। मैच के बाद एन ने कहा कि उनका ध्यान अपने डिफेंस पर था और उन्होंने जल्दबाज़ी न करने की कोशिश की।
फाइनल तक का सफर
फाइनल तक पहुंचने के सफर में सिंधु ने अलग-अलग अंदाज़ की जीत दर्ज कीं। अंतिम 32 के दौर में उन्होंने थाईलैंड की सुपनिदा कटेथोंग को तीन गेम के रोमांचक मुकाबले में करीबी अंतर से हराया। फिर उस दिन जापान की रिको गुंजी को सीधे गेमों में हराया, जिस दिन अश्मिता चालिहा ने अकाने यामागुची को चौंकाया था। शनिवार को उन्होंने करीब 73 मिनट में जापान की हिना अकेची को 21-10, 20-22, 21-16 से हराकर फाइनल में जगह बनाई। निर्णायक गेम में अकेची 16-15 से आगे थीं, लेकिन सिंधु ने आखिरी छह अंक जीत लिए।
यह इस साल सुपर 750 का उनका दूसरा फाइनल था। जुलाई में उन्होंने यामागुची को हराकर जापान ओपन जीता था और यह खिताब जीतने वाली पहली भारतीय बनी थीं। पेरिस पहुंचते समय उनकी विश्व रैंकिंग 11 थी।
नतीजे के मायने
एन के लिए यह फ्रेंच ओपन में महिला एकल का चौथा खिताब था, जो डेनमार्क ओपन जीतने के ठीक बाद आया। इस तरह उन्होंने दो हफ्तों में सुपर 750 के दो खिताब जीत लिए। 2026 में उनका रिकॉर्ड अब 66-1 है। सिंधु के लिए यह नतीजा निराशा के साथ उम्मीद भी लेकर आया: खेल की सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी के खिलाफ एक गेम की जीत और तीन महीने के भीतर दूसरा फाइनल। भारत की बाकी उम्मीदें पहले ही खत्म हो चुकी थीं; सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी को पहले दौर में पोपोव बंधुओं ने हरा दिया था।
नतीजे का सार: फ्रेंच ओपन (बीडब्ल्यूएफ सुपर 750), एरेना ग्रैंड पेरिस, महिला एकल फाइनल, रविवार 25 अक्टूबर 2026।
एन से-यंग (दक्षिण कोरिया) ने पीवी सिंधु (भारत) को 16-21, 21-11, 21-12 से हराया; पहला गेम सिंधु ने 21-16 से जीता।



