शीतल देवी ने एशियाई पैरा खेलों में महिलाओं की कंपाउंड स्पर्धा का अपना खिताब बरकरार रखा। ओकाजाकी में शुरुआत में पिछड़ने के बाद उन्होंने सिंगापुर की अलीम नूर स्याहिदा को 142-139 से हराया। मिक्स्ड टीम फाइनल के बाद यह उनका दिन का दूसरा स्वर्ण और इन खेलों में तीसरा पदक है।
ओकाजाकी, जापान: शीतल देवी ने एक बार फिर कमाल कर दिखाया। पैरों से तीर चलाने वाली जम्मू-कश्मीर की 19 वर्षीय तीरंदाज ने गुरुवार को ओकाजाकी चुओ सोगो पार्क मल्टीपर्पज स्क्वायर में सिंगापुर की अलीम नूर स्याहिदा को 142-139 से हराया। इसके साथ उन्होंने हांगझोउ फाइनल का नतीजा दोहराया, जिसमें अलीम उनसे दो अंक पीछे रही थीं।
चार अंक पीछे, फिर बराबरी
अलीम ने बेहतर शुरुआत की और फाइनल के शुरुआती दौर में चार अंक की बढ़त बना ली। शीतल घबराईं नहीं। उन्होंने धीरे-धीरे यह अंतर पाटा और दस तीरों के बाद मुकाबला 95-95 की बराबरी पर था। स्वर्ण पदक किसी के भी हाथ जा सकता था।
आखिरी पांच तीरों ने तय किया खिताब
फैसला आखिरी दौर में हुआ। शीतल ने अपने अंतिम पांच तीरों में दो बार 10 और तीन बार 9 अंक बटोरे। जवाब में अलीम चार बार 9 और एक बार 8 अंक ही जुटा सकीं। आखिरी एंड भारत के पक्ष में 27-26 से रहा, जिसमें शीतल के तीनों तीर 9 पर लगे, जबकि सिंगापुर की तीरंदाज ने 9, 8 और 9 अंक बनाए। बढ़त आखिर तक कायम रही।
फाइनल मुकाबलों से भरा दिन
व्यक्तिगत स्वर्ण शीतल का दिन का दूसरा स्वर्ण था। इससे पहले उन्होंने तोमन कुमार के साथ कंपाउंड मिक्स्ड टीम का खिताब जीता था, और बुधवार को पायल नाग के साथ चीन के खिलाफ फाइनल के बाद कंपाउंड युगल का रजत पदक हासिल किया था। इस तरह तीन स्पर्धाओं से उनके नाम दो स्वर्ण समेत तीन पदक हो गए हैं।
जिस फॉर्म ने दिलाई यह कामयाबी
मौजूदा विश्व चैंपियन शीतल रैंकिंग राउंड में 720 में से 704 अंक बनाकर विश्व रिकॉर्ड की बराबरी करने के बाद ओकाजाकी में शीर्ष वरीयता के साथ उतरी थीं। फाइनल वरीयता के अनुमान से कहीं ज्यादा करीबी रहा, लेकिन उन्होंने काम पूरा करके ही दम लिया। तीसरे दिन 27 पदक जीतकर भारत पदक तालिका में पांचवें स्थान पर पहुंच गया था, और चौथे दिन शीतल के इस स्वर्ण ने उस अभियान को और मजबूती दी।
नतीजा: महिलाओं का कंपाउंड व्यक्तिगत फाइनल, एशियाई पैरा खेल, ओकाजाकी। स्वर्ण: शीतल देवी (भारत) 142; रजत: अलीम नूर स्याहिदा (सिंगापुर) 139।



