स्वाति चौधरी ने एशियाई पैरा खेलों में महिलाओं की W1 तीरंदाजी का रजत पदक जीता। फाइनल में 4-2 से आगे रहने के बावजूद उन्हें चीन की सेन मेंगकान से 6-4 से हार का सामना करना पड़ा। ओकाजाकी में शीर्ष वरीय भारतीय तीरंदाज के इस पदक को W1 वर्ग में भारत का पहला पदक बताया गया।
ओकाजाकी, जापान: फाइनल स्वाति चौधरी की मुट्ठी में था, लेकिन फिर हाथ से फिसल गया। गुरुवार को एशियाई पैरा खेलों में महिलाओं के W1 व्यक्तिगत फाइनल में भारत की शीर्ष वरीय तीरंदाज चीन की सेन मेंगकान पर 4-2 से आगे थीं, लेकिन सेन ने 4-4 से बराबरी की और निर्णायक सेट 28-21 से जीतकर मुकाबला 6-4 से अपने नाम कर लिया। इसके बावजूद इस रजत को W1 वर्ग में भारत का पहला पदक बताया गया।
ऐसे हाथ से निकली बढ़त
सेन का एक तीर भटकने के बाद स्वाति ने पहला सेट 25-17 से जीता। सेन ने दूसरा सेट 22-21 से अपने नाम किया, और स्वाति ने तीसरा सेट इसी 22-21 के अंतर से जीतकर 4-2 की बढ़त ले ली। इसके बाद सेन ने चौथे सेट में तीनों तीरों पर 10 अंक बटोरकर उसे 30-20 से जीता और मुकाबला 4-4 से बराबर कर दिया। निर्णायक सेट भी 28-21 से उन्हीं के नाम रहा।
शीर्ष वरीयता की हकदार
स्वाति ड्रॉ की सबसे मजबूत दावेदार के तौर पर फाइनल में पहुंची थीं। उन्होंने महिलाओं के W1 रैंकिंग राउंड में 648 अंक के साथ खेलों का रिकॉर्ड बनाया था। W1 वर्ग उन तीरंदाजों के लिए है जिनके ऊपरी और निचले, दोनों अंगों में गंभीर अक्षमता होती है।
सेन का पहला एशियाई पैरा खेल स्वर्ण
सेन के लिए यह एशियाई पैरा खेलों में पहला स्वर्ण पदक है। पिछड़ने के बाद उन्होंने आखिरी दोनों सेट जीते, और मुकाबले के ज्यादातर हिस्से पर नियंत्रण रखने वाली प्रतिद्वंद्वी से खिताब छीनने के लिए इतना काफी रहा।
भारत के लिए क्या हैं इसके मायने
यह रजत तीरंदाजी में भारत की कामयाबी वाले दिन आया। शीतल देवी और तोमन कुमार ने कंपाउंड मिक्स्ड टीम का स्वर्ण जीता, और बाद में शीतल ने व्यक्तिगत खिताब भी अपने नाम किया। बुधवार को मिले कंपाउंड युगल रजत के बाद W1 का यह पदक भारत की तीरंदाजी की झोली को कंपाउंड स्पर्धाओं से आगे ले जाता है।
नतीजा: महिलाओं का W1 व्यक्तिगत फाइनल, एशियाई पैरा खेल, ओकाजाकी। स्वर्ण: सेन मेंगकान (चीन); रजत: स्वाति चौधरी (भारत)। अंतिम स्कोर: 6-4 (25-17 और 22-21 के सेट भारत के नाम; 22-21, 30-20 और निर्णायक सेट 28-21 चीन के नाम)।



