44 वर्षीय सुवर्णा राज ने नागोया में एशियाई पैरा खेलों में महिलाओं की F54 चक्का फेंक स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीता। उनका सर्वश्रेष्ठ थ्रो 15.66 मीटर का रहा, जो उन्होंने पांचवें प्रयास में फेंका। ईरान की शहला हदीदी ने 15.45 मीटर के साथ रजत और वियतनाम की गुयेन थी न्गोक थुई ने कांस्य पदक जीता।
नागोया, जापान: सुवर्णा राज ने अपना सबसे अच्छा प्रदर्शन पांचवें दौर के लिए बचाकर रखा। ग्रेटर नोएडा की 44 वर्षीय एथलीट ने गुरुवार को अपने पांचवें प्रयास में 15.66 मीटर दूर चक्का फेंककर एशियाई पैरा खेलों में महिलाओं की F54 स्पर्धा का स्वर्ण जीता। वह ईरान की शहला हदीदी से 21 सेंटीमीटर आगे रहीं।
शुरू से आखिर तक लगातार दमदार
सुवर्णा ने अपने छह प्रयासों में चार बार 15 मीटर से आगे चक्का फेंका, और इसी निरंतरता ने उन्हें ऐसी बढ़त दी जिसे कोई तोड़ नहीं सका। हदीदी ने 15.45 मीटर के साथ रजत जीता, जबकि वियतनाम की गुयेन थी न्गोक थुई 14.65 मीटर के साथ तीसरे स्थान पर रहीं।
कौन हैं सुवर्णा राज
व्हीलचेयर का इस्तेमाल करने वाली सुवर्णा ने 2017 में पैरा एथलेटिक्स में हिस्सा लेना शुरू किया था और उनके कोच पिंटू नागर हैं। F54 चक्का फेंक में वह एशिया में दूसरे नंबर पर हैं और तीन एशियाई पैरा खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। मैदान के बाहर वह सुगम्यता विशेषज्ञ और दिव्यांग अधिकारों की पैरोकार के रूप में काम करती हैं। वह 1,000 से ज्यादा सुगम्यता ऑडिट कर चुकी हैं और सुगम चुनावों के लिए भारत निर्वाचन आयोग की ब्रांड एंबेसडर भी रह चुकी हैं।
एथलेटिक्स में भारत की लय बरकरार
यह स्वर्ण भारत के थ्रोअर्स के शानदार सिलसिले की अगली कड़ी है। बुधवार को सचिन खिलारी ने खेलों का रिकॉर्ड बनाया और भारत ने गोला फेंक F46 के पोडियम पर क्लीन स्वीप किया था। उस दिन टीम की पूरी पदक कमाई का ब्योरा हमारी तीसरे दिन की रिपोर्ट में दिया गया था। सुवर्णा के थ्रो ने चौथे दिन भी वही रफ्तार कायम रखी।
नतीजा: महिलाओं की F54 चक्का फेंक, एशियाई पैरा खेल, नागोया। स्वर्ण: सुवर्णा राज (भारत) 15.66 मीटर; रजत: शहला हदीदी (ईरान) 15.45 मीटर; कांस्य: गुयेन थी न्गोक थुई (वियतनाम) 14.65 मीटर।



