15 साल की तन्वी पात्री ने डकार में यूथ ओलंपिक खेलों में रजत पदक जीता। बैडमिंटन महिला एकल फ़ाइनल में उन्हें चीन की झांग यी शिन ने 82 मिनट तक चले मुक़ाबले में 21-15, 13-21, 24-26 से हराया। वह यूथ ओलंपिक में बैडमिंटन एकल का पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी बन गई हैं।
डकार, सेनेगल: तन्वी पात्री स्वर्ण पदक से चूक गईं, लेकिन हार से पहले उन्होंने एक घंटे 22 मिनट तक जमकर संघर्ष किया और तीसरा गेम 24-26 से गंवाया। महज़ 15 साल की उम्र में वह यूथ ओलंपिक खेलों से ऐसा रजत पदक लेकर लौट रही हैं, जो इससे पहले कोई भी भारतीय महिला बैडमिंटन एकल में नहीं जीत पाई थी।
लगातार सात अंकों के साथ धमाकेदार शुरुआत
पात्री ने फ़ाइनल की शुरुआत उसी अंदाज़ में की, जिसके दम पर वह यहां तक पहुंची थीं। सेमीफ़ाइनल में उन्होंने दूसरी वरीय युज़ुनो वातानाबे को हराया था। पहले गेम में 3-5 से पीछे चल रहीं पात्री ने लगातार सात अंक जीतकर 10-5 की बढ़त बना ली और करीब 25 मिनट में यह गेम 21-15 से अपने नाम कर लिया।
मौजूदा विश्व जूनियर चैंपियन झांग के ख़िलाफ़ यह दमदार शुरुआत थी, ठीक वैसी ही जैसी फ़ाइनल तक के उनके सफ़र की पहचान रही। तीन गेम तक चले सेमीफ़ाइनल से पहले पात्री ने ग्रुप चरण में मेक्सिको की सारा डेलगाडो और दक्षिण कोरिया की जांग यू को सीधे गेम में हराया था।
हवा ने पलटा दूसरा गेम
दूसरे गेम की शुरुआत भी पात्री के पक्ष में रही और उन्होंने 4-0 की बढ़त बना ली। लेकिन हॉल में हवा के बहाव ने उनके क्लियर शॉट्स पर असर डाला और मिड-गेम ब्रेक के बाद झांग ने मुक़ाबले पर पकड़ बना ली। चीनी खिलाड़ी ने यह गेम 21-13 से जीतकर मैच को निर्णायक गेम तक पहुंचा दिया।
मैच पॉइंट बचाए, पर स्वर्ण हाथ से फिसला
पदकों का फ़ैसला तीसरे गेम में हुआ। झांग 19-10 से आगे थीं, लेकिन पात्री ने वापसी करते हुए स्कोर 19-15 कर दिया। इसके बाद क्रॉस-कोर्ट स्मैश पर हुई एक गलती से विरोधी खिलाड़ी को मैच पॉइंट मिल गए। पात्री ने ये मैच पॉइंट बचा लिए और फिर ख़ुद भी तीन बार स्वर्ण पदक जीतने के मौके बनाए।
हालांकि वह इनमें से किसी को भी भुना नहीं सकीं। झांग ने यह गेम 26-24 से जीतकर ख़िताब अपने नाम किया और पात्री को रजत से संतोष करना पड़ा।
भारतीय बैडमिंटन के लिए ऐतिहासिक पल
यह रजत पदक डकार में भारतीय खिलाड़ियों के उस यादगार हफ़्ते को और ख़ास बनाता है, जिसमें वे बार-बार नई उपलब्धियां हासिल करते रहे हैं। इससे पहले राजकुमारी लानचेनबी चानू ने वुशु में कांस्य पदक जीता था, जबकि धिनिधि देसिंघु ने तैराकी में कांस्य और ख़ुशबू दरजादा ने जूडो में रजत पदक हासिल किया था। यह यूथ ओलंपिक बैडमिंटन में भारत की सफलताओं की उस परंपरा को भी आगे बढ़ाता है, जिसमें 2018 में लक्ष्य सेन का एकल रजत पदक शामिल है।
भारतीय बैडमिंटन संघ के महासचिव ने एक बयान में कहा, “सिर्फ़ 15 साल की उम्र में रजत पदक जीतना असाधारण उपलब्धि है और भारत के लिए बेहद गर्व का पल है।”
नतीजा (यूथ ओलंपिक खेल, महिला एकल फ़ाइनल, डकार, 5 नवंबर 2026): झांग यी शिन (चीन) ने तन्वी पात्री (भारत) को 1 घंटे 22 मिनट में 15-21, 21-13, 26-24 से हराया। स्वर्ण: झांग यी शिन। रजत: तन्वी पात्री।



